प्लानर कैसे चुनें: पूरी गाइड
द्वारा Notaly · 2 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट
अगर तीन हफ़्ते बाद प्लानर दराज़ के किसी कोने में पड़ा रह जाए, तो उसका कोई फ़ायदा नहीं। सही प्लानर वही है जो आपकी दिनचर्या, आपके बैग और आपके लिखने के ढंग से मेल खाए। ख़रीदने से पहले जाँचने लायक बातें ये रहीं, साथ ही वे सवाल भी जो आपको ख़ुद से पूछने चाहिए, ताकि फ़रवरी तक छोड़ दिया जाने वाला एक और प्लानर आपके हिस्से न आए।
डेटेड या अनडेटेड?
तारीख़ों वाली डायरी का एक बड़ा फ़ायदा है: सब कुछ तैयार होता है, बस लिखना शुरू कीजिए। लेकिन इसकी एक बड़ी कमी भी है: यह एक तय तारीख़ से शुरू होती है। मार्च में ख़रीदी तो दो महीने के पन्ने बेकार। छुट्टियों में भूल गए तो खाली हफ़्ते जमा होते जाते हैं, और जल्द ही हार जैसा महसूस होने लगता है।
अनडेटेड प्लानर इस समस्या को हल कर देता है। तारीख़ें आप ख़ुद भरते हैं, इसलिए आप अपने स्कूल या कॉलेज के सत्र के साथ चलने के लिए अप्रैल या जुलाई से शुरू कर सकते हैं, पन्ने बर्बाद किए बिना दो हफ़्ते का ब्रेक ले सकते हैं और ठीक वहीं से दोबारा शुरू कर सकते हैं जहाँ छोड़ा था। विद्यार्थियों, फ़्रीलांसरों और उन सभी के लिए यह सबसे लचीला विकल्प है जिनका शेड्यूल अक्सर बदलता रहता है।
साइज़: A5, A4 या डेस्क पैड
साइज़ तय करता है कि आपका प्लानर कहाँ रहेगा।
- A5 (14.8 × 21 सेमी): हर जगह साथ ले जाने वाला साइज़। यह हैंडबैग या बैकपैक में आ जाता है और फिर भी हर खाने में लिखने के लिए काफ़ी जगह देता है। हमारा अनडेटेड A5 प्लानर इसी साइज़ का है।
- A4 (21 × 29.7 सेमी): उस प्लानर के लिए आदर्श जो आपकी डेस्क पर ही रहता है। हर हफ़्ते के लिए एक शीट, जिससे पूरी तस्वीर बिल्कुल साफ़ दिखती है।
- पॉकेट साइज़ (A6): जैकेट की जेब के लिए आसान, लेकिन दिन में तीन से ज़्यादा अपॉइंटमेंट होते ही जल्दी तंग पड़ जाता है।
बहुत से लोग दोनों इस्तेमाल करते हैं: एक A5 प्लानर जो हर जगह उनके साथ जाता है, और कीबोर्ड के पास रखा एक A4 वीकली प्लानर पैड, हफ़्ते के कामों के लिए।
ऐसा लेआउट जो आपके दिन से मेल खाए
ख़रीदने से पहले सोचिए कि आप हर दिन कितनी चीज़ें लिखते हैं।
- दिन में पाँच से कम चीज़ें: दो पन्नों में फैला वीकली व्यू काफ़ी है।
- भरे-भरे दिन: टाइम स्लॉट वाला वीकली व्यू चुनें, या विस्तार से लिस्ट बनाने के लिए एक नोटबुक जोड़ लें।
- कई हफ़्तों तक चलने वाले प्रोजेक्ट: डेडलाइन पर नज़र रखने के लिए मंथली व्यू ज़रूरी हो जाता है।
मंथली और वीकली का मेल अब भी सबसे बहुउपयोगी है: बड़ी तारीख़ों के लिए महीना, काम पूरे करने के लिए हफ़्ता।
कागज़: सबसे कम आँकी जाने वाली ख़ूबी
पतला कागज़ पूरा मज़ा किरकिरा कर देता है। स्याही पीछे झलकती है, पन्ने लहरदार हो जाते हैं और आख़िर में आप सिर्फ़ पेंसिल से लिखने लगते हैं। अगर आप जेल पेन, हाइलाइटर या फ़ाइनलाइनर इस्तेमाल करते हैं, तो कम से कम 100 GSM का कागज़ चुनें, और बेहतर हो तो 120 GSM। हमारे प्लानर और हमारे डॉटेड बुलेट जर्नल में 120 GSM का कागज़ है, जो स्याही का पीछे झलकना साफ़ तौर पर कम कर देता है।
कागज़ के रंग पर भी ध्यान दें: आइवरी या ऑफ़-व्हाइट कागज़ चमकीले सफ़ेद कागज़ की तुलना में आँखों को कम चुभता है, ख़ासकर शाम के समय।
छोटी-छोटी बातें, जो बड़ा फ़र्क डालती हैं
कुछ ख़ूबियाँ मामूली लगती हैं, लेकिन हर दिन काम आती हैं:
- एक या दो रिबन बुकमार्क, ताकि सीधे इस हफ़्ते और मंथली व्यू वाला पन्ना खुले;
- इलास्टिक क्लोज़र, ताकि बैग में प्लानर बंद रहे;
- पीछे की ओर पॉकेट, रसीदों, कार्ड और खुली पर्चियों के लिए;
- हार्ड कवर, ताकि आप खड़े होकर या गोद में रखकर भी लिख सकें।
प्लानर या बुलेट जर्नल?
अगर आपको पहले से तैयार ढाँचा पसंद है, तो प्लानर आपके लिए है। अगर आप अपने पन्ने ख़ुद डिज़ाइन करना, अपनी आदतें ट्रैक करना या जर्नलिंग और लिस्ट को साथ मिलाना पसंद करते हैं, तो डॉटेड बुलेट जर्नल आपको पूरी आज़ादी देता है। प्लानर से शुरुआत करके, यह समझ आने पर कि आपको असल में क्या चाहिए, बुलेट जर्नल पर आ जाने में कोई रुकावट नहीं है।
टिके रहने के लिए हमारी सलाह
हर हफ़्ते एक तय समय चुनिए, जैसे रविवार की शाम, और दस मिनट में आने वाले हफ़्ते की प्लानिंग कीजिए। पहले अपने अपॉइंटमेंट लिखें, फिर ज़्यादा से ज़्यादा तीन प्राथमिकताएँ, और उसके बाद बाकी सब। हर हफ़्ते इस्तेमाल होने वाला एक सादा प्लानर, शेल्फ़ पर पड़े किसी परफ़ेक्ट प्लानर से कहीं बेहतर है। और अगर कभी सिलसिला टूट भी जाए, तो यही अनडेटेड की ख़ूबसूरती है: आप कल से फिर शुरू कर सकते हैं।